तिलहन, दलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बीज मिनीकिट कार्यक्रम शुरू किया

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 2 जून, 2021 को किसानों को तिलहन और दलहन के बीजों की अधिक उपज देने वाली किस्मों का वितरण करके एक बीज मिनीकिट कार्यक्रम शुरू किया।

कार्यक्रम के तहत मिनी किट केंद्रीय एजेंसियों NAFED, राष्ट्रीय बीज निगम (NCS), और गुजरात राज्य बीज निगम द्वारा प्रदान की जा रही हैं और सरकार द्वारा पूरी तरह से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के माध्यम से वित्त पोषित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में बोलते हुए, कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्यों के सहयोग से, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत तिलहन और दालों की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को लागू कर रही है।

बीज मिनीकिट कार्यक्रम: मुख्य विवरण

सरकार द्वारा शुरू किया गया कार्यक्रम नई किस्मों के बीजों को खेतों में लाने का एक प्रमुख साधन है। यह बीज प्रतिस्थापन दर को बढ़ाने में भी सहायक है।

कार्यक्रम के तहत बीजों का वितरण 15 जून 2021 तक जारी रहेगा, ताकि खरीफ की बुवाई शुरू होने से पहले बीज किसानों तक पहुंच सके।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत कुल 20,27,318 दालों के बीज मिनीकिट, 74,000 से अधिक मूंगफली मिनी किट और 8 लाख सोयाबीन बीज मिनीकिट सीधे किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराए जाने हैं।

तिलहन और दलहन का उत्पादन बढ़ाने पर जोर:

कृषि मंत्री के अनुसार वर्ष 2014-15 से तिलहन और दलहन के उत्पादन को बढ़ाने पर नए सिरे से ध्यान दिया गया है।

तिलहन का उत्पादन 2014-2015 में 27.51 मिलियन टन से बढ़कर 2020-21 में 36.57 मिलियन टन हो गया है। जबकि दलहन का उत्पादन 2014-15 में 17.15 मिलियन टन से बढ़कर वर्ष 2020-21 में 25.56 मिलियन टन हो गया है।

हालांकि तिलहन और दलहन के उत्पादन, क्षेत्र और उत्पादकता में रुझान उत्साहजनक हैं, फिर भी इसमें और तेजी लाने की जरूरत थी।

कृषि क्षेत्र में प्रगति:

कृषि मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत कृषि क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। देश में 2020-21 के दौरान रिकॉर्ड 305.43 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान है। भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए खाद्य तेलों और दालों का आयात करता है।

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